因为在登顶之后换上比基尼拍照并在社交网络上分享,而有“比基尼”登山客的台湾女子吴季芸在一人登山的行程中失足坠谷不幸遇难。
吴季芸坠谷后用卫星电话向山友求救,但搜救行动因为山区恶劣天气而延迟,搜救人员找到吴女的时候她已经没有生命迹象。
搜救人员研判,因为山区低温加上大雨,36岁的吴季芸据信是失温冻死。
吴季芸在社交网络上有很多粉丝,她登山遇难的消息传出之后,她的粉丝和登山界朋友纷纷在脸书和Instagram悼念她。
虽然吴季芸是因为在登顶后穿比基尼拍照留念而在社交网络上走红,但据报她本身登山经验丰富,一人登山发生意外时装备齐全,已做好充分准备。
台湾《中央社》报道,由于山区天气状况恶劣不利搜救,从吴季芸坠谷向友人求救到搜救人员发现她的遗体,时间超过43小时。
但山区天后状况不佳,搬运遗体下山有困难,搜救人员先将遗体搬到空旷处,等到天候许可,再请直升机将吴季芸遗体吊挂下山。
在这次意外之前,去年12月吴季芸登山途中也曾经不慎滑落断崖数公尺,后来她上传一张双腿都是擦伤和瘀青的照片,并爆哭“命是捡回来的”。
吴季芸在之前的媒体采访中透露,她之所以会在登顶后穿比基尼拍照,最初是因为和朋友开玩笑打赌输了才这么做的,后来就一直继续下去。
吴季芸的脸书有18,000名粉丝,她最后一篇贴文的日期是1月18日,一张山中云海的照片。
已经有超过1000多则留言,大多数是对她表达悼念的留言,也有之前尚未寻获她的时候,为她祈福加油的留言。
Wednesday, January 23, 2019
Sunday, January 6, 2019
सबरीमला: केरल में हिंसा का क्या नया अध्याय शुरू हो चुका है?
सबरीमला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर जारी तनाव हिंसक हो गया है. कन्नूर में भाजपा सांसद वी. मुरलीधरन और सीपीएम विधायक ए.एन. शनीर के घरों पर पेट्रोल बम फेंके गए हैं.
कन्नूर में प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यहां किसी भी तरह के प्रदर्शन या जुलूस नहीं किए जाएंगे जिसके बाद ये हिंसा हुई है. वैसे भी यह इलाक़ा राज्य में सीपीएम और भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पों का गढ़ रहा है.
बम फेंकने की घटनाएं शुक्रवार रात को हुई. उससे पहले दो जनवरी को दो महिलाओं ने सबरीमला मंदिर में प्रवेश करके इतिहास रचा था.
इसके एक दिन बाद वाम मोर्चे की सरकार द्वारा महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिलाने के ख़िलाफ़ भाजपा समर्थित सबरीमला कर्मा समिति ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था.
भाजपा और उसके सहयोगी संगठन महिलाओं के मंदिर में न जाने वाली प्रथा को जारी रखने के समर्थन में हैं.
लेकिन सीपीएम के नेतृत्व वाला लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए बाध्य है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 4-1 के मत से महिलाओं के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें मंदिर में जाने की अनुमति दे दी थी.
इससे पहले 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित था.
बंद के कारण राज्य भर में हिंसा हुई और इसमें पत्थरबाज़ी के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई. वहीं, चार लोग चाकूबाज़ी की घटनाओं में घायल हुए लेकिन दूसरी तरह से भी हिंसा जारी रही.
हाल ही में हुई बम फेंकने की घटना ने हिंसा के स्तर को नया आयाम दिया है. हालांकि कन्नूर में ऐसी घटनाएं पहले होती रही हैं.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हमने दोनों राजनीतिक दलों से कहा है कि हम उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं देंगे. आज शांति समिति की बैठक में ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि जो भी हिंसा में लिप्त पाया गया उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
पुलिस अधिकारी ने कहा, "देसी बम बेहद शोर करते हैं लेकिन उनमें से कुछ जानलेवा भी हो सकते हैं. यहां कुछ 'स्टील बम' हैं जिनमें कीलें और दूसरी तेज़ धार वाली चीज़ें होती हैं."
पुलिस का कहना है कि उसने दो जनवरी के बाद से 3,282 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें से 487 को रिमांड पर लिया गया है और बाकियों को ज़मानत पर छोड़ दिया गया है.
वहीं, पुलिस और मीडिया कर्मियों समेत तकरीबन 300 लोग घायल हुए हैं. कन्नूर में 230 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं. इनमें से 43 लोगों को शनिवार को गिरफ़्तार किया गया है. बम फेंकने की घटना में कथित तौर पर इनकी भूमिका हो सकती है.
मुख्यमंत्री पीनराई विजयन ने 'योजनाबद्ध तरीक़े से लोगों और मीडिया कर्मियों पर हमले और नई इमारतों को नष्ट' करने के लिए 'संघ परिवार' को ज़िम्मेदार ठहराया है.
विजयन ने कहा, "उनका केवल एक मक़सद है और वह है राज्य में तनाव फैलाना. संघ परिवार इसकी कोशिश कई दिनों से कर रहा है. केरल को उनके षड्यंत्र के ख़िलाफ़ एकजुट रहना चाहिए. वह अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए हिंसा के कामों में लिप्त है."
कन्नूर में प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यहां किसी भी तरह के प्रदर्शन या जुलूस नहीं किए जाएंगे जिसके बाद ये हिंसा हुई है. वैसे भी यह इलाक़ा राज्य में सीपीएम और भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पों का गढ़ रहा है.
बम फेंकने की घटनाएं शुक्रवार रात को हुई. उससे पहले दो जनवरी को दो महिलाओं ने सबरीमला मंदिर में प्रवेश करके इतिहास रचा था.
इसके एक दिन बाद वाम मोर्चे की सरकार द्वारा महिलाओं को मंदिर में प्रवेश दिलाने के ख़िलाफ़ भाजपा समर्थित सबरीमला कर्मा समिति ने राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया था.
भाजपा और उसके सहयोगी संगठन महिलाओं के मंदिर में न जाने वाली प्रथा को जारी रखने के समर्थन में हैं.
लेकिन सीपीएम के नेतृत्व वाला लेफ़्ट डेमोक्रेटिक फ़्रंट सुप्रीम कोर्ट का आदेश लागू करने के लिए बाध्य है. सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने 4-1 के मत से महिलाओं के मौलिक अधिकारों को सुरक्षित रखते हुए उन्हें मंदिर में जाने की अनुमति दे दी थी.
इससे पहले 10 से 50 वर्ष की आयु की महिलाओं का मंदिर में प्रवेश वर्जित था.
बंद के कारण राज्य भर में हिंसा हुई और इसमें पत्थरबाज़ी के दौरान एक व्यक्ति की मौत हुई. वहीं, चार लोग चाकूबाज़ी की घटनाओं में घायल हुए लेकिन दूसरी तरह से भी हिंसा जारी रही.
हाल ही में हुई बम फेंकने की घटना ने हिंसा के स्तर को नया आयाम दिया है. हालांकि कन्नूर में ऐसी घटनाएं पहले होती रही हैं.
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बीबीसी हिंदी से कहा, "हमने दोनों राजनीतिक दलों से कहा है कि हम उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं देंगे. आज शांति समिति की बैठक में ज़िलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि जो भी हिंसा में लिप्त पाया गया उसके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
पुलिस अधिकारी ने कहा, "देसी बम बेहद शोर करते हैं लेकिन उनमें से कुछ जानलेवा भी हो सकते हैं. यहां कुछ 'स्टील बम' हैं जिनमें कीलें और दूसरी तेज़ धार वाली चीज़ें होती हैं."
पुलिस का कहना है कि उसने दो जनवरी के बाद से 3,282 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें से 487 को रिमांड पर लिया गया है और बाकियों को ज़मानत पर छोड़ दिया गया है.
वहीं, पुलिस और मीडिया कर्मियों समेत तकरीबन 300 लोग घायल हुए हैं. कन्नूर में 230 लोग गिरफ़्तार किए गए हैं. इनमें से 43 लोगों को शनिवार को गिरफ़्तार किया गया है. बम फेंकने की घटना में कथित तौर पर इनकी भूमिका हो सकती है.
मुख्यमंत्री पीनराई विजयन ने 'योजनाबद्ध तरीक़े से लोगों और मीडिया कर्मियों पर हमले और नई इमारतों को नष्ट' करने के लिए 'संघ परिवार' को ज़िम्मेदार ठहराया है.
विजयन ने कहा, "उनका केवल एक मक़सद है और वह है राज्य में तनाव फैलाना. संघ परिवार इसकी कोशिश कई दिनों से कर रहा है. केरल को उनके षड्यंत्र के ख़िलाफ़ एकजुट रहना चाहिए. वह अपनी महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए हिंसा के कामों में लिप्त है."
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